✎ गगनयान मिशन भारत को मानव अंतरिक्ष उड़ान में आत्मनिर्भर बनाएगा और 2035 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करेगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा को बताया कि गगनयान मिशन के तहत मानव-रेटिंग से संबंधित प्रमुख प्रणालियों के विकास और प्रमाणीकरण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि मानव-रेटेड प्रक्षेपण यान (एचएलवीएम3) के सभी प्रणोदन चरणों और संरचनाओं का विकास तथा ग्राउंड टेस्टिंग पूरी कर ली गई है। इसके अलावा, क्रू मॉड्यूल, सर्विस मॉड्यूल, पर्यावरण नियंत्रण और जीवन समर्थन प्रणाली (ईसीएलएसएस), तापीय सुरक्षा प्रणाली, मंदन प्रणाली तथा क्रू एस्केप सिस्टम (सीईएस) सहित सभी प्रमुख प्रणालियों का सफल परीक्षण किया जा चुका है। राज्यसभा में उन्होंने बताया कि व्योममित्र नामक हाफ-ह्यूमनॉइड को ले जाने वाला पहला मानवरहित गगनयान मिशन 2026 की चौथी तिमाही में लक्षित है, जबकि भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) को 2035 तक स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि इसरो द्वारा पांच मॉड्यूल वाले अंतरिक्ष स्टेशन की संरचना तैयार की जा रही है और सरकार ने पहले मॉड्यूल बीएएस-01 के विकास को मंजूरी दे दी है।
इस उपलब्धि का महत्व बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक है। गगनयान मिशन के माध्यम से भारत अपनी स्वदेशी मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं को मजबूत कर रहा है, जो देश की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इसके अलावा, इसरो द्वारा विकसित की जा रही अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियाँ, जैसे क्रू मॉड्यूल, जीवन समर्थन प्रणाली और अंतरिक्ष स्टेशन, भविष्य में अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में भारत की भूमिका को और सुदृढ़ करेंगी। इन उपलब्धियों से संबंधित प्रश्न परीक्षाओं में करंट अफेयर्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, और सरकारी योजनाओं के अंतर्गत पूछे जा सकते हैं, जिससे उम्मीदवारों को इन विषयों की गहन समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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