✎ जीएसटी 2.0 सुधारों से राज्य वित्त एवं राजकोषीय नीति में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
राष्ट्रीय स्तर पर दूसरी पीढ़ी के जीएसटी सुधारों पर आयोजित सम्मेलन आज से शुरू हो गया है। यह दो दिवसीय सम्मेलन गुड़गांव स्थित गुड़ी इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंस एंड टैक्सेशन द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जीएसटी 2.0 सुधारों के माध्यम से राज्यों के वित्त और राजकोषीय नीति पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण करना है। उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान की निदेशक आर. कविता राव ने बताया कि जीएसटी 2.0 में प्रभावी कर दर 11.6% से घटकर 9.5% हो गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि जीएसटी-जीडीपी अनुपात 2022-23 में 6.07% से घटकर 2025-26 में 5.96% हो गया है। इस सम्मेलन में जीएसटी प्रदर्शन, राजकोषीय संघवाद और राजस्व उत्पादकता जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जा रही है, जिसमें वरिष्ठ अर्थशास्त्री, कर प्रशासक और शोधार्थी शामिल हैं। यह सम्मेलन बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे जीएसटी सुधारों, राजकोषीय नीति और राज्यों के वित्त जैसे विषयों पर गहन जानकारी मिलती है, जो आर्थिक सर्वेक्षण और बजट विश्लेषण में सहायक होती है। इसके अलावा, जीएसटी दरों में बदलाव, राजस्व उत्पादकता और औद्योगिक विविधता जैसे विषय सीधे तौर पर बैंकिंग क्षेत्र के कराधान, राजस्व संग्रह और आर्थिक नीति निर्माण से जुड़े होते हैं, जो इन परीक्षाओं के लिए प्रासंगिक हैं।
स्रोत: The Hindu
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