✎ तमिलनाडु सरकार द्वारा पूम्पुहार तट पर तीसरे चरण की जलमग्न पुरातत्व खोज से प्राचीन तमिल सभ्यता और व्यापारिक संबंधों की नई जानकारी मिल सकती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: History & Culture
तमिलनाडु सरकार ने पुरातत्व विभाग द्वारा पूमपुहार तट (जो प्राचीन काल में कावेरीपट्टिनम के नाम से जाना जाता था) पर तीसरे चरण की समुद्री पुरातात्विक खोज शुरू की है। यह अभियान लगभग 20 दिनों तक चलेगा, जिसमें टीम ने समुद्री धाराओं और उत्तर-पूर्वी मानसून को ध्यान में रखते हुए इसकी योजना बनाई है। इससे पहले सितंबर 2025 में भी इसी तट पर खोज अभियान चलाया गया था, जिसमें भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय के सहयोग से उन्नत उपकरणों जैसे रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल, साइड-स्कैन सोनार, सब-बॉटम प्रोफाइलर और मल्टीबीम स्कैनर का उपयोग किया गया था। पूमपुहार के प्राचीन बंदरगाह शहर और उसके व्यापारिक संबंधों के साक्ष्यों को खोजने के लिए यह अभियान ऐतिहासिक ग्रंथों जैसे संगम कालीन रचनाओं—पत्तिनappalै, सिलप्पadikaram और मणिमेकलै—में वर्णित विवरणों पर आधारित है।
यह अभियान बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भारत के प्राचीन समुद्री व्यापार, सांस्कृतिक संपर्क और पुरातात्विक अनुसंधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का पता चलता है। इससे संबंधित प्रश्न इतिहास एवं संस्कृति, भूगोल, अर्थव्यवस्था और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे विषयों से पूछे जा सकते हैं। उदाहरण के लिए, संगम साहित्य, प्राचीन बंदरगाहों का महत्व, तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत, पुरातत्व में नवीनतम तकनीकों का उपयोग, या सरकारी योजनाओं के अंतर्गत पुरातत्व संरक्षण जैसे मुद्दों पर प्रश्न बनाए जा सकते हैं। इससे अभ्यर्थियों को भारतीय इतिहास के विविध आयामों की समझ विकसित करने में मदद मिलेगी, जो परीक्षाओं में सफलता के लिए आवश्यक है।
स्रोत: The Hindu
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