✎ तमिलनाडु बजट 2026 में सरकार को राजकोषीय समेकन और चुनावी वादों के बीच संतुलन साधना होगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
टमिलनाडु सरकार अपने पहले बजट (2026) के माध्यम से एक कठिन चुनौती का सामना कर रही है, जहाँ उसे चुनावी वादों को पूरा करते हुए राजकोषीय समेकन (fiscal consolidation) हासिल करना है। राज्य की वित्तीय स्थिति अत्यधिक दबाव में है, जिसमें राजस्व संग्रहण में कमी, उच्च ऋण भार और भ्रष्टाचार के कारण संसाधनों का अपव्यय शामिल है। वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने स्वीकार किया कि राज्य का राजकोषीय घाटा गंभीर है और इसे सुधारने में कम से कम दो वर्ष लगेंगे। ऐसे में सरकार को न केवल जनहित के कार्यक्रमों को बनाए रखना है, बल्कि अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए कराधान में सुधार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में सुधार जैसे उपाय अपनाने होंगे। यह बजट बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे राज्यों के वित्तीय स्वास्थ्य, राजस्व संग्रहण और ऋण प्रबंधन जैसे मुद्दों पर प्रश्न उठ सकते हैं, जो आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी परीक्षाओं में भी पूछे जाते हैं।
इसके साथ ही, सरकार द्वारा घोषित कल्याणकारी योजनाओं—जैसे महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, किसानों के लिए फसल ऋण माफी, और बच्चों के लिए सोने की अंगूठी—से राज्य के खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाओं को लागू करने से पहले वित्तीय व्यवहार्यता का आकलन जरूरी था। बैंक पीओ और आईबीपीएस जैसी परीक्षाओं के लिए यह विषय राजकोषीय नीति, राजस्व प्रबंधन और सरकारी बजट के प्रभावों को समझने में मदद करेगा। एसएससी उम्मीदवारों के लिए भी यह जानकारी कराधान, सब्सिडी और सार्वजनिक खर्च जैसे विषयों पर आधारित प्रश्नों के लिए उपयोगी साबित होगी।
स्रोत: The Hindu
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