✎ तमिलनाडु सरकार ने मदिरा बिक्री पर पर्यावरण एवं सामाजिक कल्याण सेस लगाकर पुनर्चक्रण, नशामुक्ति एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु धन संग्रह का प्रस्ताव रखा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
तमिलनाडु सरकार ने शराब की बिक्री पर पर्यावरणीय और सामाजिक कल्याण उपकर लगाने के लिए एक विधेयक पेश किया है। इस विधेयक के माध्यम से राज्य सरकार शराब की बिक्री पर अतिरिक्त कर लगाकर उससे प्राप्त राजस्व का उपयोग पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कल्याण के कार्यों में करेगी। इसमें मुख्य रूप से शराब की बोतलों और कंटेनरों के पुनर्चक्रण, सुरक्षित निपटान और पुनः उपयोग, शराब की लत से ग्रस्त व्यक्तियों के पुनर्वास और नशामुक्ति कार्यक्रम, तथा पर्यावरणीय क्षरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभावों को कम करने के लिए जन-जागरूकता अभियान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इस उपकर से प्राप्त राशि का उपयोग वन्यजीवों, पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए भी किया जाएगा।
इस विधेयक का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, कराधान और राजस्व स्रोतों के माध्यम से राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति का विश्लेषण किया जाता है, जो बैंकिंग प्रणाली पर प्रभाव डाल सकता है। एसएससी परीक्षाओं में राज्य विधानमंडलों द्वारा पारित विधेयकों और उनके उद्देश्यों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में राजकोषीय नीति और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए उपकरों के आर्थिक प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इस प्रकार, यह विधेयक कराधान, पर्यावरण नीति और राज्य सरकार की वित्तीय रणनीतियों के अंतर्संबंध को समझने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करता है।
स्रोत: The Hindu
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