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Centenary of Dalit entry into temple to be organised in Tirupati — labelled illustration

✎ 1925 में दलितों के मंदिर प्रवेश के शताब्दी समारोह का आयोजन तिरुपति में किया जाएगा, जिसने सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया था।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Art & Culture

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**दलितों के मंदिर प्रवेश की शताब्दी समारोह तिरुपति में आयोजित किया जाएगा।** तिरुचनूर मंदिर में दलितों के प्रवेश की 100वीं वर्षगांठ मनाने के लिए 11 से 13 अक्टूबर तक तिरुपति में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चिंता मोहन ने बताया कि 13 अक्टूबर, 1925 को मुरुगन नामक एक दलित ने मंदिर में प्रवेश किया और आरती की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में सी. राजगोपालाचारी ने उनकी पैरवी की और उन्हें रिहा कराया। इसके बाद महात्मा गांधी ने 33 दलितों के साथ तिरुचनूर मंदिर के सामने सत्याग्रह किया और उनके प्रवेश को सुनिश्चित किया। इस ऐतिहासिक घटना के शताब्दी समारोह में विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है।

**इस घटना का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए भी प्रासंगिक है।** यह विषय भारतीय समाज में सामाजिक सुधारों, अस्पृश्यता उन्मूलन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा है, जो भारतीय इतिहास और राजनीति के पाठ्यक्रम में शामिल रहता है। इसके अलावा, दलित आंदोलनों, गांधीवादी सत्याग्रह और सामाजिक न्याय के मुद्दे भी परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं। साथ ही, सी. राजगोपालाचारी जैसे नेताओं के योगदान और संविधान सभा की बहसों से संबंधित प्रश्न भी सामान्य जागरूकता अनुभाग में पूछे जा सकते हैं।

स्रोत: The Hindu


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