✎ नशा मुक्त भारत अभियान देशव्यापी शपथ के माध्यम से नशीले पदार्थों के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाने और सामूहिक प्रयास को सुदृढ़ करने वाला राष्ट्रीय अभियान है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ राष्ट्रीय शपथ** का आयोजन ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (एनएमबीए) की छठी वर्षगांठ पर किया गया, जिसका उद्देश्य समाज में नशे के खिलाफ व्यापक जागरूकता फैलाना और लोगों को इस अभिशाप से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध करना है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित इस अभियान के तहत अब तक 34.56 करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुँच बनाई गई है, जिसमें युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इस शपथ के माध्यम से सरकार नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने, पुनर्वास सेवाओं को सुदृढ़ करने और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक रणनीति पर कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त, एनएमबीए 2.0 मोबाइल एप्लिकेशन और ‘नशा मुक्ति मित्र’ जैसे डिजिटल माध्यमों के जरिए नागरिकों को नशामुक्ति केंद्रों तक पहुँचने में सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे इस अभियान की प्रभावशीलता और पहुंच और भी व्यापक हो रही है।
यह अभियान बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें सरकारी नीतियों, सामाजिक कल्याण योजनाओं और डिजिटल पहलों जैसे विषयों का समावेश होता है। नशामुक्ति के लिए चलाए जा रहे अभियानों के माध्यम से सरकार की जन-केंद्रित नीतियों, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर भी परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, इस अभियान के तहत अपनाई गई तकनीकी पहलों जैसे मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन शपथ लेने की प्रक्रिया भी डिजिटल इंडिया और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों के साथ जुड़ती है, जो वर्तमान में परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले मुद्दे हैं। इस प्रकार, यह अभियान न केवल समाज के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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