✎ नशामुक्त युवा ही विकसित भारत का आधार है, इसके लिए जन भागीदारी अभियान चलाया जा रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त, 2026 को ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ का शुभारंभ किया, जिसमें उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं का नशामुक्त रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस अभियान को जन-भागीदारी अभियान के रूप में प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव उनके परिवारों, समाज और पूरे देश पर पड़ता है। मोदी जी ने चेताया कि नशीले पदार्थों का सेवन न केवल युवाओं के सपनों को नष्ट करता है, बल्कि उनके परिवारों को भी बिखेर देता है। उन्होंने इसे राष्ट्रहित के विरुद्ध बताते हुए कहा कि दुश्मन देशों की ओर से नशीले पदार्थों की आपूर्ति भारत विरोधी षड्यंत्र का हिस्सा है। इस अभियान के तहत 100 सप्ताह तक हर रविवार देशभर में विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें खेल-कूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और सामुदायिक सहभागिता शामिल हैं।
यह अभियान बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक कल्याण और युवा शक्ति जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। बैंकिंग क्षेत्र में नशीली दवाओं के अवैध व्यापार से संबंधित कानूनों, जैसे नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985, और धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002, के बारे में जानकारी आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, आरबीआई ग्रेड बी में राष्ट्रीय आय, युवा रोजगार और सामाजिक विकास जैसे विषयों पर भी प्रश्न आ सकते हैं। एसएससी परीक्षाओं में भी इस अभियान के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों पर आधारित प्रश्नों की संभावना रहती है।
स्रोत: The Hindu
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