✎ स्वदेशी AI अवसंरचना विकास हेतु इंडिया-एआई मिशन और सेमीकंडक्टर पहलों से तकनीकी आत्मनिर्भरता एवं रोजगार सृजन संभव।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
सरकार ने ‘इंडिया-एआई मिशन’ और सेमीकंडक्टर पहलों के माध्यम से स्वदेशी एआई अवसंरचना का विस्तार किया है, जिसका उद्देश्य तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और भारत को वैश्विक एआई एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करना है। ‘इंडिया-एआई मिशन’ के तहत 10,371.92 करोड़ रुपये के बजट के साथ स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल, कंप्यूट क्षमता और सुरक्षित एआई समाधानों को विकसित किया जा रहा है, जिसमें 20 स्वदेशी मॉडल (12 एलएमएम और 8 एसएलएम) शामिल हैं। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में ‘सेमीकॉन 2.0’ के माध्यम से 1,27,500 करोड़ रुपये के निवेश से फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और डिजाइन क्षमताओं को मजबूत किया जा रहा है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में आत्मनिर्भरता आएगी। ये पहलें न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देंगी बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में भी योगदान करेंगी, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
इन प्रयासों से बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल भुगतान, डेटा सुरक्षा और ग्राहक सेवा में एआई के अनुप्रयोगों को बढ़ावा मिलेगा, जबकि सेमीकंडक्टर विनिर्माण में आत्मनिर्भरता से आयात निर्भरता कम होगी और निर्यात क्षमता बढ़ेगी। सरकारी योजनाओं, बजट आवंटन और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों से संबंधित प्रश्न इन परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं, जिससे उम्मीदवारों को राष्ट्रीय विकास रणनीतियों की गहरी समझ होना आवश्यक है। इसके अलावा, स्टैनफोर्ड की रिपोर्ट में भारत की एआई प्रतिस्पर्धात्मकता में तीसरे स्थान पर होने का उल्लेख भी परीक्षा के दृष्टिकोण से प्रासंगिक है, जो सरकार की नीतियों की सफलता को दर्शाता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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