✎ एमएसएमई विकास संशोधन विधेयक 2026 से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को मजबूत बनाने का प्रयास।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**संसद मानसून सत्र दिन 15 लाइव अपडेट: लोकसभा में एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक पर चर्चा**
लोकसभा में शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर विचार-विमर्श और पारित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह विधेयक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 में संशोधन करेगा, जिसे राज्यसभा द्वारा पहले ही पारित किया जा चुका है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लाए गए कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 को बुधवार को लोकसभा ने ध्वनि मत से पारित कर दिया था, जिसमें भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 तथा आयकर अधिनियम, 2025 जैसे प्रमुख कानूनों में संशोधन प्रस्तावित किए गए थे। यह विधेयक बैंकिंग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें डिजिटल भुगतान प्रणालियों को और अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के प्रावधान शामिल हैं, जो प्रत्यक्ष रूप से बैंकिंग संस्थानों और उनके ग्राहकों को प्रभावित करेंगे।
इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाना है, जो देश की अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एमएसएमई क्षेत्र को वित्तीय सहायता, ऋण उपलब्धता और नियामक ढांचे में सुधार के माध्यम से बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है, जो बैंकिंग परीक्षाओं जैसे आईबीपीएस, एसबीआई पीओ और आरबीआई ग्रेड बी के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। एमएसएमई क्षेत्र में सुधारों से बैंकों को ऋण वितरण में वृद्धि होगी, जिससे उनकी वित्तीय स्थिरता और विकास को बल मिलेगा। इसके साथ ही, कराधान संबंधी संशोधनों का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल और प्रभावी बनाना है, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के माध्यम से सरकारी राजस्व में
स्रोत: The Hindu
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