✎ न्यायाधीशों द्वारा दिए गए रूपकों से न्यायपालिका की स्वतंत्रता और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनाव आयोग के मामले में ‘अंपायर’ वाली टिप्पणी के पीछे न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता का तर्कपूर्ण दृष्टिकोण सामने आया है। न्यायमूर्ति दत्ता ने इस मामले में स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष रहने के लिए संवैधानिक ढांचे में सशक्त बनाया जाना चाहिए। उन्होंने क्रिकेट के खेल में अंपायर की भूमिका का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार अंपायर को निष्पक्ष रहना होता है, उसी प्रकार चुनाव आयोग को भी राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रहना होगा। इस टिप्पणी का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने और लोकतंत्र के सिद्धांतों को मजबूत करना है।**
**यह मामला बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, चुनावी पारदर्शिता और न्यायिक सक्रियता जैसे मुद्दे शामिल हैं। बैंकिंग परीक्षाओं में लोकतंत्र की संस्थाओं की भूमिका, आरबीआई ग्रेड बी में शासन प्रणाली और एसएससी में संविधान के अनुच्छेदों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इस प्रकार, इस मामले का अध्ययन परीक्षा की तैयारी में सहायक सिद्ध होगा।**
स्रोत: ndtv.com
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