✎ यूपीआई शुल्क विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कारण बताने को कहा है, जिससे डिजिटल भुगतान प्रणाली प्रभावित हो सकती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
सुप्रीम कोर्ट ने यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगाए गए शुल्क संबंधी गजट नोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में केंद्र सरकार, आरबीआई और एनपीसीआई को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार से एक हलफनामा दाखिल करने को कहा है, जिसमें यह बताया जाए कि सरकार ने 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर शुल्क लगाने का निर्णय क्यों लिया। इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता की ओर से उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया, जिसमें डिजिटल पेमेंट्स की पारदर्शिता और आम जनता पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई थी।
यह मामला बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर तब जब देश डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आरबीआई और केंद्र सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला न केवल यूपीआई उपयोगकर्ताओं बल्कि बैंकों और फिनटेक कंपनियों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। परीक्षा की दृष्टि से यह विषय बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें वित्तीय नीति, डिजिटल इंडिया अभियान और न्यायिक सक्रियता जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा, इस मामले के माध्यम से परीक्षार्थी न्यायपालिका की भूमिका, सरकारी नीतियों के प्रभाव और आम जनता के हितों के बीच संतुलन बनाने की प्रक्रिया को समझ सकते हैं।
स्रोत: amarujala.com
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