✎ स्वच्छता अभियान अब केवल सफाई नहीं, बल्कि आर्थिक मूल्य सृजन और सरकारी दक्षता का माध्यम बन चुका है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के लिए एक वेब पोर्टल लॉन्च किया, जिसे उन्होंने स्वच्छता को ‘संपूर्ण सरकार और संपूर्ण राष्ट्र’ का आंदोलन बताया। यह अभियान 2014 में शुरू हुआ था और तब से यह केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी कार्यालयों में कबाड़ निस्तारण के माध्यम से 5,000 करोड़ रुपये की कमाई कर चुका है। इस पहल ने सरकारी कामकाज में दक्षता बढ़ाने, लंबित मामलों को कम करने और सार्वजनिक स्थानों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष अभियान 6.0 वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, ई-कचरा निस्तारण और लंबित मामलों को कम करने पर केंद्रित होगा, जिससे न केवल स्वच्छता बल्कि आर्थिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
यह विषय बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। परीक्षाओं में सरकारी योजनाओं, स्वच्छता अभियानों और सार्वजनिक नीति से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। विशेष रूप से, ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और इसके विभिन्न चरणों के उद्देश्यों, उपलब्धियों और आर्थिक प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसके अलावा, सरकारी कार्यालयों में सुधार, कचरा प्रबंधन और जन-भागीदारी जैसे मुद्दे भी प्रशासनिक सुधारों और नीति निर्माण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। इस प्रकार, यह विषय न केवल सामान्य जागरूकता बल्कि नीति और शासन के व्यापक विषयों को समझने में भी सहायक होगा।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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