✎ हिमाचल प्रदेश के 15 बांधों में से 12 अत्यधिक जोखिम वाले और 3 में संरचनात्मक कमियां पाई गईं, जिससे सुरक्षा खतरा उत्पन्न हुआ है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में राज्य बांध सुरक्षा संगठन (एसडीएसओ-एचपी) की 2025-26 वार्षिक रिपोर्ट पेश की, जिसमें प्रदेश के 15 सक्रिय बांधों में से तीन में संरचनात्मक कमियां मिलने की बात सामने आई है। इन तीन बांधों को श्रेणी-2 में रखा गया है, जबकि 12 बांध अत्यधिक जोखिम वाली श्रेणी-1 में शामिल किए गए हैं। गिरि जटौन बैराज में पियर के असमान धंसाव, मॉनिटरिंग उपकरणों की निष्क्रियता और कंक्रीट में दरारें पाई गईं हैं, जबकि मलाना-2 में अतिरिक्त स्पिलवे निर्माण और गेटों के हाइड्रोलिक होइस्ट में देरी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 में बांधों की सुरक्षा पर 141.12 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिसमें सैंज एचईपी ने अकेले 123.60 करोड़ रुपये का निवेश किया। अगले वर्ष के लिए मलाना-2 और सैंज को क्रमशः 150 करोड़ और 137.56 करोड़ रुपये के रखरखाव बजट का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, संगठन में नौ तकनीकी पद खाली होने से निगरानी और सुधारात्मक कार्रवाई प्रभावित हो रही है।
यह मामला बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इससे सरकारी बजट, बुनियादी ढांचे के विकास, और जोखिम प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। बांधों की सुरक्षा से जुड़ी कमियां राष्ट्रीय संपत्ति के संरक्षण और आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, जो सरकारी योजनाओं और नीति निर्माण के तहत आते हैं। इसके अलावा, बजट आवंटन, तकनीकी संसाधनों की कमी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों की विफलता जैसे मुद्दे भी प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही से संबंधित सवालों के केंद्र में हो सकते हैं।
स्रोत: amarujala.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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