plutusacademy
हिमाचल: प्रदेश में 7,621 मेगावाट की 527 हाइड्रो परियोजनाएं अटकीं, विधानसभा में सरकार ने दी लिखित जानकारी — diagram
Stalled Hydro ProjectsTotal Projects77321,751 MWStalled Projects5277,621 MWTender StatusOngoingNov startConstructionPendingAfter Nov
Stalled Hydro Projects

✎ हिमाचल में 7,621 मेगावाट क्षमता वाली 527 जलविद्युत परियोजनाएं निर्माण में देरी का सामना कर रही हैं।

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में दिए गए सरकारी जवाब के अनुसार, राज्य में कुल 773 स्वीकृत जलविद्युत परियोजनाओं में से 527 परियोजनाएं, जिनकी कुल क्षमता 7,621 मेगावाट है, अभी तक निर्माण चरण में प्रवेश नहीं कर पाई हैं। विधायक हंसराज के लिखित प्रश्न के उत्तर में बताया गया कि टेंडर प्रक्रिया अभी भी चल रही है और निर्माण कार्य नवंबर के बाद ही शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण और मुआवजा देने की प्रक्रिया पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति-2013 तथा संबंधित अधिनियमों के तहत पारदर्शी तरीके से पूरी की जा रही है। साथ ही, स्थानीय लोगों को रोजगार देने का प्रावधान भी नीति के अनुसार किया जाएगा। चुराह क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित साईकोठी-1 और साईकोठी-2 परियोजनाओं का शिलान्यास अगस्त 2025 में हुआ था, परंतु मशीनों के पहुंचने और टेंडर प्रक्रिया के दूसरे चरण के पूरा होने के बाद ही निर्माण शुरू किया जाएगा।

इस मामले की प्रासंगिकता विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी के लिए महत्वपूर्ण है। इसका संबंध शासन प्रणाली, नीति निर्माण, भूमि अधिग्रहण कानून, पर्यावरणीय प्रभाव आकलन और आर्थिक विकास जैसे विषयों से है। सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं में विलंब के कारणों, कानूनी प्रक्रियाओं तथा पुनर्वास नीतियों की समझ परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों के संदर्भ में उपयोगी साबित हो सकती है। इसके अतिरिक्त, जलविद्युत परियोजनाओं के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय रोजगार सृजन जैसे मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है, जो समसामयिक मामलों और सरकारी नीतियों के अध्ययन के लिए आवश्यक हैं।

स्रोत: amarujala.com


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


Related guides on our sites

1 comment on “हिमाचल में 7,621 मेगावाट की 527 हाइड्रो परियोजनाएं क्यों अटकीं? जानें सरकारी जवाब