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आरबीआई की ब्याज दर नीति, तेल-मूल्य और बॉन्ड यील्ड से बाज़ार की चाल: विश्लेषक
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बाज़ार प्रवृत्ति के कारक

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy

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आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह शेयर बाज़ार की दिशा आरबीआई की ब्याज दर संबंधी निर्णय, कच्चे तेल की कीमतों, बॉन्ड प्रतिफल और वैश्विक बाज़ारों में विदेशी निवेशकों की गतिविधियों से तय होगी। विश्लेषकों का कहना है कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक से निकले नीति रुख, मुद्रास्फीति के दृष्टिकोण और आर्थिक वृद्धि के अनुमानों से घरेलू ब्याज दरों तथा वित्तीय बाज़ारों की निकट अवधि की दिशा तय होगी। इस सप्ताह टीसीएस और डीमार्ट जैसे प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाज़ार के लिए महत्वपूर्ण होंगे। साथ ही, सितंबर माह के एचएसबीसी सेवा पीएमआई और समग्र पीएमआई के अंतिम आंकड़े भी जारी किए जाएंगे, जो अर्थव्यवस्था की गति को दर्शाएंगे।

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कच्चे तेल की कीमतों में निरंतर वृद्धि भारत के बाह्य क्षेत्र संतुलन और मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ा रही है, जबकि भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं ऊर्जा कीमतों में जोखिम प्रीमियम बनाए रख रही हैं। वैश्विक बॉन्ड प्रतिफलों में बदलाव भी बाज़ार की धारणा को प्रभावित करेगा। यदि अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में कमी आती है, तो उभरते बाज़ारों में विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ सकता है, जबकि इसके विपरीत स्थिति में अमेरिकी परिसंपत्तियों की अपील बढ़ेगी। पिछले सप्ताह विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये में कमज़ोरी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक बॉन्ड प्रतिफलों में वृद्धि के कारण भारतीय शेयर बाज़ार में गिरावट जारी रही। विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई के निर्णय के साथ-साथ अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति संबंधी टिप्पणियां भी बाज़ार के लिए प्रमुख कारक होंगी।

स्रोत: orissapost.com


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