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विधि आयोग द्वारा सहकारी संघवाद और कानून सुधारों पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

✎ विधि आयोग भारत सरकार द्वारा सहकारी संघवाद और कानून सुधारों पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity

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विधि आयोग, भारत सरकार द्वारा ‘सहकारी संघवाद एवं विधि सुधार: राष्ट्रीय एवं राज्य परिप्रेक्ष्य’ विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन सहकारी संघवाद की अवधारणा, इसके महत्व और देश में विधि सुधारों के माध्यम से इसे सुदृढ़ करने के उपायों पर केंद्रित होगा। सहकारी संघवाद का अर्थ है केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय और सहयोग की भावना, जिससे राष्ट्रीय विकास में सभी स्तरों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। विधि सुधारों के माध्यम से इस अवधारणा को और प्रभावी बनाया जा सकता है, जिससे राज्यों को अधिक स्वायत्तता और संसाधनों का उपयोग करने का अवसर मिलेगा।

इस सम्मेलन का महत्व बैंकिंग, SSC एवं RBI ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सहकारी संघवाद का सिद्धांत संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) एवं राज्य लोक सेवा आयोगों (SSC) की परीक्षाओं में राजनीति विज्ञान एवं शासन व्यवस्था के विषयों से संबंधित प्रश्नों में पूछा जाता है। इसके अलावा, RBI ग्रेड बी परीक्षा में भी शासन व्यवस्था, संघवाद एवं विधि सुधारों से संबंधित प्रश्नों का समावेश होता है। इस प्रकार, यह सम्मेलन न केवल विधि सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री का स्रोत बन सकता है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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