
✎ पीएम-दक्ष योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, डी-विज्ञ, महिला एवं ट्रांसजेंडर समुदायों के कौशल विकास एवं रोजगार प्रदान करना है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
**पीएम-दक्ष योजना** सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा प्रवर्तित एक प्रमुख कौशल विकास पहल है, जिसका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों—अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, विधवाएं, ट्रांसजेंडर और दिव्यांग व्यक्तियों—को रोजगारपरक कौशल प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों जैसे परिधान निर्माण, चमड़ा उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, फर्नीचर निर्माण, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही, उद्यमिता विकास, प्लेसमेंट सहायता और ऋण सुविधाओं तक पहुंच भी सुनिश्चित की जाती है। सरकार द्वारा इस योजना के लिए 2021-22 से लेकर 2025-26 तक कुल 2.23 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे लगभग 5 लाख व्यक्तियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। पीएम-दक्ष के माध्यम से न केवल रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी, बल्कि समाज के वंचित वर्गों का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा।
बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से पीएम-दक्ष योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सरकार की कौशल विकास और समावेशी विकास संबंधी नीतियों की समझ विकसित होती है। बैंकिंग परीक्षाओं में इस योजना से संबंधित प्रश्न सरकारी योजनाओं, बजट आवंटन और उनके उद्देश्यों पर आधारित होते हैं, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी में इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव, लक्षित वर्ग और कौशल विकास के मॉडलों पर सवाल पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, इस योजना के माध्यम से सरकार की “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को भी समझा जा सकता है, जो परीक्षाओं में नीति निर्माण और शासन विषयों के तहत पूछा जाता है। इस प्रकार, पीएम-दक्ष योजना न केवल समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में सहायक है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी एक प्रमुख विषय के रूप में उभरती है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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