✎ ICAR-MGIFRI द्वारा 'खेत बचाओ अभियान 2026' के तहत मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग और टिकाऊ बागवानी प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और राष्ट्रीय फलोत्पादन अनुसंधान संस्थान (MFRI) द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किया गया ‘खेत बचाओ अभियान 2026’ मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा टिकाऊ बागवानी प्रबंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से उत्पन्न पर्यावरणीय क्षरण को रोकना तथा किसानों को जैविक एवं समग्र पोषण प्रबंधन के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक अनुशंसाओं को अपनाने, फलों के बागानों में टिकाऊ तकनीकों के प्रयोग तथा जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया जा रहा है। यह पहल न केवल कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बनाए रखने में सहायक होगी, बल्कि भूमि क्षरण, जल प्रदूषण तथा जैव विविधता ह्रास जैसी चुनौतियों के समाधान में भी योगदान करेगी।
‘खेत बचाओ अभियान 2026’ का महत्व बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक है, क्योंकि इससे संबंधित विषयों जैसे कृषि नीति, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी), तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। बैंक पीओ, आईबीपीएस तथा एसबीआई जैसी परीक्षाओं में कृषि क्षेत्र से जुड़े आर्थिक सुधारों, सरकारी पहलों तथा उनके प्रभावों पर आधारित प्रश्न सामान्य होते हैं, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में पर्यावरणीय स्थिरता तथा कृषि क्षेत्र के वित्तीय पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इसके अतिरिक्त, यह अभियान ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना’, ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ तथा ‘राष्ट्रीय जैविक कृषि मिशन’ जैसी पूर्ववर्ती योजनाओं से भी जुड़ा हुआ है, जिनका उल्लेख परीक्षाओं में किया जा सकता है। इस प्रकार, इस पहल की समझ से अभ्यर्थी न केवल सामान्य जागरूकता के प्रश्नों का उत्तर दे सकेंगे, बल्कि आर्थिक सर्वेक्षण तथा सरकारी बजट में कृषि क्षेत्र को दिए गए आवंटन जैसे विषयों पर भी स्पष्ट दृष्टिकोण रख सकेंगे।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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