प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केंद्रीय पंचायती राज और मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने नई पंचायती राज योजना का ऐलान किया है, जिसके तहत अब सरकारी योजनाओं के लाभ और भुगतान के लिए आधार को प्राथमिक पहचान के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. इसकी जगह बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के साथ वोटर आईडी कार्ड नंबर यानी ईपीआईसी नंबर का इस्तेमाल अनिवार्य होगा. इस फैसले पर आरजेडी ने सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी ने इसे पारदर्शी शासन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है, जिससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और लाभ केवल असली व योग्य लोगों तक पहुंचेगा. यह प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना के तहत ग्राम पंचायतों को मजबूत करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का प्रयास है.
बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह खबर नीतिगत बदलावों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और डिजिटल पहचान के महत्व को दर्शाती है. यह गवर्नेंस में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार उन्मूलन के प्रयासों से संबंधित है, जो अर्थव्यवस्था और सामाजिक कल्याण पर सीधा प्रभाव डालते हैं. उम्मीदवारों को आधार, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और वोटर आईडी जैसे पहचान पत्रों के उपयोग, उनके फायदे-नुकसान और इनसे जुड़े राजनीतिक-सामाजिक प्रभावों की समझ होनी चाहिए, क्योंकि ये विषय अक्सर सामान्य जागरूकता, निबंध लेखन और साक्षात्कार के प्रश्नों में पूछे जाते हैं.
स्रोत: aajtak.in
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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