

मानचित्र व माइंड-मैप: India’s AI Deepfake Legal Framework
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security
सरकार ने डीपफेक जैसी एआई-जनित सामग्री से उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए कानूनी सुरक्षा उपायों, प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक व्यापक ढांचे को विकसित किया है। इसके तहत सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 में पहचान की चोरी, प्रतिरूपण और अश्लील सामग्री के प्रसार जैसी धाराओं को शामिल किया गया है, जबकि भारतीय न्याय संहिता, 2023 में गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए नए प्रावधान जोड़े गए हैं। इसके अलावा, आईटी नियम, 2021 में मध्यस्थों के लिए अतिरिक्त दायित्व तय किए गए हैं, जैसे अवैध सामग्री को 36 घंटे के भीतर हटाना और शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ करना। सरकार ने डीपफेक का पता लगाने के लिए 13 परियोजनाओं को मंजूरी दी है और 6,650 साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशालाओं के माध्यम से 11.37 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया है, जिससे उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह विषय बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें साइबर सुरक्षा, डिजिटल शासन और तकनीकी अपराधों से संबंधित कानूनी ढांचे पर प्रकाश डाला गया है। बैंकिंग क्षेत्र में, एआई-जनित धोखाधड़ी और साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे को देखते हुए, इस ढांचे का ज्ञान प्रतियोगियों को साइबर सुरक्षा नीतियों और जोखिम प्रबंधन में मदद करेगा। एसएससी परीक्षाओं में भी साइबर अपराधों और डिजिटल सुरक्षा से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए इस विषय की समझ परीक्षा में सफलता के लिए आवश्यक है। आरबीआई ग्रेड बी में भी साइबर सुरक्षा और तकनीकी अपराधों पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे यह विषय उनके पाठ्यक्रम के लिए भी प्रासंगिक हो जाता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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