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बायोई3 नीति का योगदान — concept mind map

✎ बायोई3 नीति जैव विनिर्माण को बढ़ावा देकर 2030 तक 300 अरब डॉलर की जैव-अर्थव्यवस्था और 1500 रोजगार सृजन का लक्ष्य रखती है।

BioE3 नीति ढांचाजैव विनिर्माण केंद्रडीबीटी द्वारा स्थापितउच्च क्षमताजैव फाउंड्रीऔद्योगिक उत्पादनबायोप्लास्टिक्सबायो-एआई हबतंत्रिका विज्ञानडिजाइनछह विषयगत क्षेत्रपर्यावरण, अर्थव्यवस्थारोजगारपांच प्राथमिकता क्षेत्रजीनोम निदानसंश्लेषित जीव विज्ञानचयन मानदंडतकनीकी मूल्यांकनवित्तीय मूल्यांकन
BioE3 नीति ढांचा

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

**बायोई3 नीति का योगदान**

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में बताया कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने बायोई3 नीति के तहत अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार को सुदृढ़ बनाने के लिए छह प्रमुख विषयगत क्षेत्रों की पहचान की है, जिनमें जैव-आधारित रसायन, बायोप्लास्टिक्स, सक्रिय फार्मास्यूटिकल तत्व, स्मार्ट प्रोटीन, जलवायु प्रतिरोधी कृषि और जैव ईंधन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों—आयुर्वेद कृषि नवाचार, जीनोम निदान, संश्लेषित जीव विज्ञान, बायोमोलेक्यूलर डिजाइन और बायोमैन्युफैक्चरिंग हब—पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस नीति के माध्यम से जैव-विनिर्माण केंद्रों और बायोफाउंड्री की स्थापना के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं, जिनका चयन कठोर तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के आधार पर किया जाता है। इसके परिणामस्वरूप अगले पांच वर्षों में द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों में लगभग 1500 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

बायोई3 नीति नवाचार-आधारित विकास को प्रोत्साहित करते हुए स्वदेशी जैव-विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत कर रही है, जिससे वर्ष 2030 तक 300 अरब डॉलर की जैव-अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा। इस नीति के तहत परियोजना लागत का 70 प्रतिशत तक सरकारी सहायता प्रदान की जाती है, जबकि शेष 30 प्रतिशत निजी क्षेत्र द्वारा वहन किया जाता है। अब तक 600 से अधिक लाभार्थियों को इस पहल का लाभ मिल चुका है, और निजी क्षेत्र से 602.09 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता प्राप्त हुई है। यह नीति मेक-इन-इंडिया पहल को बढ़ावा देते हुए जैव प्रौद्योगिकी पारितंत्र के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बैंकिंग, ए

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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