
✎ डीडीयू-जीकेवाई ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रदान कर रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन में सहायक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जो राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के अंतर्गत संचालित होती है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को उद्योग-संचालित कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे गरीबी उन्मूलन और आजीविका विविधीकरण को बढ़ावा मिले। डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के तहत नवीनतम दिशा-निर्देशों में उद्योग की बदलती मांगों के अनुरूप ईवी रखरखाव, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य सेवा और आतिथ्य जैसे उभरते क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। अब तक इस योजना के माध्यम से लगभग 18.45 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 12.35 लाख को रोजगार मिल चुका है। यह योजना न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाती है, बल्कि बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन और उद्यमिता को बढ़ावा मिलता है।
डीडीयू-जीकेवाई के कार्यान्वयन में उद्योगों के साथ साझेदारी, नियोजन पश्चात सहायता और कौशल उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे रोजगार की स्थिरता सुनिश्चित होती है। प्रत्येक राज्य में कैप्टिव नियोक्ताओं के लिए 20% लक्ष्य आवंटन और 6 महीने की अनिवार्य नियोजन अवधि जैसी विशेषताएं योजना की प्रभावशीलता को और बढ़ाती हैं। यह योजना न केवल एसएससी, बैंक पीओ और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि देश के समग्र आर्थिक विकास में भी योगदान देती है। इसके माध्यम से ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहायता मिलती है, जो वर्तमान में सरकारी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यंत प्रासंगिक है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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