✎ डीएवाई-एनआरएलएम ग्रामीण महिलाओं के लिए आय वृद्धि एवं सशक्तिकरण का प्रमुख कार्यक्रम है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रवर्तित दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की एक प्रमुख पहल है। यह मिशन चार स्तंभों—सामुदायिक संस्थाओं का सुदृढ़ीकरण, वित्तीय समावेशन, टिकाऊ आजीविका तथा सामाजिक विकास—पर आधारित है और देश के 28 राज्यों एवं 6 संघ-राज्य क्षेत्रों में कार्यान्वित हो रहा है। एसएचजी को बैंकों से जमानत-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने के साथ-साथ कौशल विकास एवं उद्यमिता प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उदाहरणस्वरूप, नीति आयोग के 2025 के मूल्यांकन में डीएवाई-एनआरएलएम को आय वृद्धि, वित्तीय समावेशन तथा महिला सशक्तिकरण में प्रभावी पाया गया, जहाँ औसत पारिवारिक आय में 49% तक की वृद्धि दर्ज की गई।
डीएवाई-एनआरएलएम के अंतर्गत ‘लखपति दीदी’ पहल जैसी योजनाओं ने महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को 1 लाख रुपये वार्षिक आय प्राप्त करने में सहयोग किया है, जिससे 3.46 करोड़ महिलाएँ लाभान्वित हुई हैं। यह योजना न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करती है, बल्कि बैंकिंग प्रणाली में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा देती है। बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए यह विषय महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे मुद्दे शामिल हैं, जो परीक्षा के पाठ्यक्रम में बार-बार पूछे जाते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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