✎ मुंबई में 2018 की GSI रिपोर्ट ने 2026 के भूस्खलन की चेतावनी दी थी, जिसे सरकार द्वारा नजरअंदाज किया गया।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
**हिंदी में नोट (प्राकृतिक परीक्षा स्तर):**
मुंबई में बुधवार को हुए भूस्खलन ने शहर की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। वर्ष 2018 में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को कुर्ला स्थित हिल नंबर 3 के खतरनाक होने की चेतावनी दी थी। जीएसआई ने अपनी 435 पृष्ठीय रिपोर्ट में इस क्षेत्र को अत्यधिक जोखिम वाला बताया था और वहां दीवारें, जल निकासी प्रणाली तथा वृक्षों की जड़ों को नियंत्रित करने जैसे उपायों की सिफारिश की थी। हालांकि, इनमें से कोई भी कार्य पूरा नहीं हुआ। बारिश के कारण पेड़ उखड़ने से शुरू हुआ यह भूस्खलन शहरी नियोजन और आपदा प्रबंधन में सरकारी एजेंसियों की लापरवाही को दर्शाता है। जीएसआई के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ढलान में बदलाव और प्राकृतिक जल निकासी तंत्र में हस्तक्षेप भूस्खलन के खतरे को बढ़ाते हैं।
इस घटना का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। बैंकिंग क्षेत्र में, शहरी नियोजन और आपदा प्रबंधन से संबंधित नीतियों का मूल्यांकन परीक्षा में पूछा जा सकता है, क्योंकि यह आर्थिक स्थिरता और जन सुरक्षा से जुड़ा होता है। एसएससी परीक्षाओं में, सरकारी योजनाओं, भूवैज्ञानिक सर्वेक्षणों तथा आपदा प्रबंधन के संस्थागत ढांचे पर प्रश्न बन सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में, शहरी अवसंरचना विकास और जोखिम मूल्यांकन जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है, क्योंकि यह वित्तीय प्रणाली की स्थिरता को प्रभावित करता है। इस घटना से यह भी सीख मिलती है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी से जनहानि हो सकती है।
स्रोत: The Indian Express
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