
✎ बीसीआई द्वारा नीति निर्णय लेने हेतु एजी एवं सॉलिसिटर जनरल से परामर्श आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा कोई भी नीति निर्णय अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया और सॉलिसिटर जनरल की सलाह से लिया जाना चाहिए। यह टिप्पणी बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के लंबे कार्यकाल और उनकी पद से हटाने की मांग को लेकर दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान आई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची और न्यायमूर्ति वी मोहाना की पीठ ने स्पष्ट किया कि बीसीआई द्वारा लिए गए हर नीति निर्णय में अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य होगी। यह निर्णय न केवल कानूनी संस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत करेगा, बल्कि नीति निर्माण में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगा।
इस फैसले का बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। राजनीति और शासन विषय के तहत आने वाले इन परीक्षाओं में न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के बीच संबंधों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। बीसीआई और सरकारी पदाधिकारियों के बीच सहयोग के इस फैसले से परीक्षार्थियों को न्यायिक सक्रियता और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका के बारे में गहराई से समझने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, नीति निर्माण में कानूनी विशेषज्ञों की भूमिका भी एक महत्वपूर्ण टॉपिक बन सकती है, जो विभिन्न सरकारी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों का केंद्र बिंदु हो सकता है।
स्रोत: orissapost.com
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