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सुप्रीम कोर्ट: नीट सुधार पर नीलेकणि कमेटी की पहली रिपोर्ट महीने के अंत तक, एससी ने कहा- स्थायी सिस्टम की जरूरत — labelled illustration

✎ नीट सुधार के लिए नीलेकणि कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट और स्थायी प्रणाली पर सुप्रीम कोर्ट का जोर महत्वपूर्ण है।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance

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सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा में सुधार के लिए गठित नीलेकणि कमेटी की पहली अंतरिम रिपोर्ट महीने के अंत तक प्रस्तुत किए जाने की संभावना व्यक्त करते हुए स्थायी प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया है। केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि कमेटी ने विभिन्न स्तरों पर व्यापक चर्चा की है और जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि कमेटी ने पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली पिछली कमेटी के सदस्यों से भी विचार-विमर्श किया है। कोर्ट ने इस मामले में स्थायी ढांचे की अनिवार्यता पर जोर देते हुए कहा कि सरकार को नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (नीट) की पूरी प्रक्रिया को संस्थागत रूप देना चाहिए, जिसमें स्थायी स्टाफ, विभाग और सेटअप शामिल हों।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नीट संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के संकट से निपटा जा सके। कोर्ट ने एनटीए की नई सुविधाओं का निरीक्षण करने की भी इच्छा व्यक्त की है। यह सुधार न केवल शिक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा बल्कि सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में भी एक मिसाल कायम करेगा। बैंक पीओ, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह विषय प्रशासनिक सुधारों, नीति निर्माण और संस्थागत सुदृढ़ीकरण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

स्रोत: amarujala.com


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