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Revenue receipts in current fiscal much lower than estimates — labelled illustration

✎ राजस्व प्राप्तियाँ बजट अनुमानों से कम रहने से राजकोषीय घाटा बढ़ने का जोखिम, पेंशन एवं ब्याज भुगतान प्रमुख व्यय मद।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy

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राजस्व प्राप्तियां चालू वित्त वर्ष में अनुमानों से काफी कम रही हैं, जिससे सरकार की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ गया है। पांच महीनों के बाद राज्य सरकार की कुल राजस्व प्राप्तियां केवल 32.14 प्रतिशत अर्थात 77,535 करोड़ रुपये रही हैं, जबकि बजट अनुमान 2.41 लाख करोड़ रुपये था। कर राजस्व भी लक्ष्य का केवल 38.1 प्रतिशत रहा, जिसमें जीएसटी और बिक्री कर जैसे प्रमुख स्रोत भी अनुमानों से काफी पीछे थे। गैर-कर राजस्व और अनुदान-आधारित प्राप्तियां तो और भी कमजोर रही हैं, जो बजट अनुमान का मात्र 12.26 प्रतिशत ही रही हैं। इससे सरकार की विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन की कमी उत्पन्न हो रही है, जो बैंकिंग प्रणाली में ऋण प्रवाह और सरकारी खर्च में कमी के रूप में दिखाई दे सकती है।

इस स्थिति का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। बैंकिंग परीक्षाओं में राजस्व प्राप्तियों में कमी से सरकारी खर्च में कमी और राजकोषीय घाटे में वृद्धि के प्रभावों पर सवाल पूछे जा सकते हैं, जिससे बैंकिंग प्रणाली पर दबाव और ऋण वितरण में संभावित कमी का विश्लेषण किया जा सके। एसएससी परीक्षाओं में इसे राजकोषीय नीति और सरकारी बजट के संदर्भ में पढ़ा जा सकता है, जहां राजस्व प्राप्तियों के कम होने से सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर प्रभाव और वित्तीय अनुशासन से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए यह विषय राजकोषीय घाटे, सरकारी उधारी और मौद्रिक नीति के अंतर्संबंध को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, जहां राजस्व प्राप्तियों में कमी से सरकारी उधारी बढ़ने और ब्याज दरों पर दबाव पड़ने की संभावना पर चर्चा की जा सकती है।

स्रोत: The Hindu


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