✎ वन्दे मातरम विवाद में केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल का पालन करना आवश्यक है, राज्य सरकारों को इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**वन्दे मातरम विवाद: कर्नाटक के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को दो पद्यों तक सीमित करने वाले आदेश पर पुनर्विचार करने को कहा**
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को 8 सितंबर को जारी किए गए सरकारी आदेश (जीओ) पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है, जिसमें राज्य कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम’ के केवल दो पद्यों तक सीमित रखने का प्रावधान किया गया था। राज्यपाल ने अपने पत्र में कहा है कि यह आदेश केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के विपरीत है तथा ‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026’ का उल्लंघन करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय गीत के संबंध में केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करना राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है, और राज्य कार्यपालिका द्वारा ऐसा आदेश जारी करना संविधान के अनुच्छेद 73, 162, 256 तथा 257(1) के तहत राज्य की सीमाओं से बाहर है। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों के संबंध में केंद्र सरकार के निर्देश राज्य सरकारों के लिए बाध्यकारी हैं, और राज्य द्वारा स्वतंत्र रूप से राष्ट्रीय गीत के लिए कोई भिन्न संस्करण लागू करना संविधान के तहत अनुचित होगा।
इस विवाद का महत्व बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें संवैधानिक प्रावधानों, केंद्र-राज्य संबंधों तथा राष्ट्रीय प्रतीकों के संरक्षण से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। परीक्षाओं में इस प्रकार के प्रश्न संविधान के अनुच्छेदों, केंद्र-राज्य विवादों तथा राष्ट्रीय प्रतीकों से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर आधारित हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम जैसे कानूनों के संशोधनों पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है, जो राष्ट्रीय गीत के सम्मान तथा इसके उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधानों से संबंधित हैं।
स्रोत: The Hindu
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