
✎ हिमाचल में डिजिटल भुगतान ने आम लोगों और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर नकदी रहित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
हिमाचल प्रदेश में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास की तस्वीर सामने आई है, जिसमें बिलासपुर जिला अग्रणी रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 69.82 लाख पात्र बचत खातों में से 62.27 लाख (89.19%) खाते डिजिटल भुगतान माध्यमों से जुड़े हुए हैं, जिसमें यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, डेबिट कार्ड और एईपीएस शामिल हैं। विशेष रूप से, महिला खाताधारकों में डिजिटल लेनदेन की भागीदारी 93.34% तक पहुंच गई है, जो स्वयं सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से सीधे लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के कारण संभव हुआ है। यह बदलाव न केवल नकदी पर निर्भरता को कम कर रहा है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा दे रहा है। देश में यूपीआई लेनदेन के नए रिकॉर्ड्स के बीच हिमाचल की यह प्रगति डिजिटल इंडिया मिशन के तहत सरकारी प्रयासों का परिणाम है।
बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह रिपोर्ट अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र, वित्तीय समावेशन और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर केंद्रित है। बैंक पीओ, आईबीपीएस और एसबीआई परीक्षाओं में डिजिटल लेनदेन, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और सरकारी योजनाओं के एकीकरण जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसी प्रकार, आरबीआई ग्रेड बी में डिजिटल पेमेंट्स इंडेक्स, फिनटेक नवाचार और वित्तीय समावेशन नीतियों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इसके अतिरिक्त, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल भुगतान के प्रभाव जैसे मुद्दे भी सामान्य जागरूकता और समाजिक-आर्थिक विकास के प्रश्नों में शामिल हो सकते हैं।
स्रोत: amarujala.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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