✎ चुनाव आयोग में पारदर्शिता और स्वायत्तता पर सवाल उठे हैं, जिससे लोकतंत्र की मजबूती पर प्रभाव पड़ सकता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
**‘अदृश्य हाथ चला रहा चुनाव आयोग’: विपक्ष ने एक्सप्रेस रिपोर्ट पर उठाए सवाल**
एक भारतीय एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा नए मतदाताओं को जोड़ने और मतदाता सूची में नाम हटाने संबंधी कदमों को ‘अनधिकृत एवं गैरकानूनी’ बताया है। उन्होंने मतदाता डेटाबेस तक पहुंच को दिल्ली में केंद्रित करने के खिलाफ भी चेताया, जिससे राज्य अधिकारियों को दरकिनार किया जा रहा है। विपक्ष ने इसे ‘लोकतंत्र पर हमला’ करार देते हुए ज्ञानेश कुमार पर ‘मोदी सरकार का कठपुतली’ होने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा कि यह रिपोर्ट साबित करती है कि चुनाव आयोग में ‘अदृश्य हाथ’ काम कर रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कुमार के महाभियोग की मांग की है। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने इसे ‘लोकतंत्र के लिए खतरा’ बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय से हस्तक्षेप की अपील की है।
**परीक्षाओं के लिए प्रासंगिकता**
बैंक पीओ, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं में शासन व्यवस्था, चुनाव सुधार और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका अहम विषय हैं। इस मामले से पता चलता है कि चुनाव आयोग जैसे स्वतंत्र संस्थान राजनीतिक हस्तक्षेप का शिकार हो सकते हैं, जो ‘लोकतंत्र की मजबूती’ और ‘निष्पक्ष चुनाव’ जैसे विषयों से जुड़ा है। आरबीआई ग्रेड बी में आर्थिक सुधारों और शासन प्रणाली के प्रश्नों में इस तरह के मामले प्रासंगिक होते हैं, जबकि एसएससी में संविधान और राजनीतिक व्यवस्था के अध्यायों में इसे शामिल किया जा सकता है। साथ ही, बैंकिंग परीक्षाओं में ‘नैतिकता एवं जवाबदेही’ जैसे विषयों पर भी इस मामले से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: The Indian Express
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