✎ अल नीनो से भारत में अत्यधिक गर्मी के कारण 15,800 मौतें हो सकती हैं, जिसके लिए तैयारी एवं निगरानी जरूरी है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
भारत में अगले छह महीनों में अल नीनो के कारण 15,800 लोगों की मौत हो सकती है, ऐसा एक सर्वेक्षण में दावा किया गया है। यह अध्ययन इस बात की चेतावनी देता है कि भारत में इनमें से अधिकतर मौतें सर्दियों के महीनों में हो सकती हैं, जिनका असर देश के गर्मियों तक भी रहने की संभावना है। शिकागो विश्वविद्यालय के क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब द्वारा किए गए इस अध्ययन में बताया गया है कि दुनिया भर में सामान्य वर्ष की तुलना में अगले छह महीनों में 4,51,000 अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं, जिसमें से अकेले भारत में 15,800 लोगों की जान जाने का अनुमान है। अध्ययन में कहा गया है कि भारत में इनमें से लगभग आधी मौतें सिर्फ तीन महीनों में दिसंबर से फरवरी के बीच हो सकती हैं, और इसका असर गर्मियों तक भी जारी रहने की आशंका है।
अल नीनो एक बार-बार होने वाली जलवायु घटना है, जो प्रशांत महासागर के पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह के असामान्य रूप से गर्म होने के कारण उत्पन्न होती है। यह घटना आमतौर पर हर दो से सात साल में होती है और इसका दुनिया भर के विभिन्न हिस्सों में बारिश और तापमान पर प्रभाव पड़ता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने चेतावनी दी है कि इस बार अल नीनो असाधारण रूप से तीव्र हो सकता है, जिसके कारण वैश्विक तापमान सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। यह अध्ययन बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे संबंधित प्रश्न पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और शासन जैसे विषयों से पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, सरकारी नीतियों, आपदा प्रबंधन और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों जैसे विषयों पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।
स्रोत: Mint
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