✎ वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन बनाने में मदद मिलती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित सैड्स ओल्ड एज होम के वरिष्ठ नागरिकों ने हाल ही में स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे ‘स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को बल मिला। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप थी। वरिष्ठ नागरिकों ने न केवल अपने आवासीय परिसर में साफ-सफाई की बल्कि आस-पास के क्षेत्रों में भी स्वच्छता गतिविधियों में योगदान दिया। उनकी इस सक्रिय भागीदारी ने सामुदायिक जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयास की भावना को पुनर्जीवित किया, जिससे समाज में स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता उत्पन्न हुई। यह घटना सरकारी योजनाओं जैसे ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के महत्व को रेखांकित करती है, जो नागरिकों, संस्थानों और समुदायों की सक्रिय भागीदारी पर केंद्रित है।
यह घटना बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें शासन व्यवस्था, सामाजिक कल्याण और जन-भागीदारी जैसे विषयों का समावेश है। बैंकिंग क्षेत्र में, विशेष रूप से आरबीआई ग्रेड बी में, सामाजिक कल्याण योजनाओं और सरकारी पहलों की समझ परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है। इसी प्रकार, एसएससी परीक्षाओं में भी स्वच्छ भारत अभियान, सरकारी नीतियां और सामुदायिक भागीदारी जैसे विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। यह घटना ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के व्यापक उद्देश्यों, जिसमें स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाना शामिल है, को समझने में सहायक है। इसके अतिरिक्त, यह सामाजिक न्याय, अधिकारिता और समावेशी विकास जैसे विषयों पर भी प्रकाश डालती है, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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