✎ ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III से नवीकरणीय ऊर्जा के विकास और पारेषण में सुधार होगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III’ योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत राज्य स्तरीय ट्रांसमिशन प्रणाली के विकास के साथ-साथ बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) को भी शामिल किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, विशेष रूप से सौर और पवन ऊर्जा, के एकीकरण को सुगम बनाना है, जिससे देश में स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसके अंतर्गत विभिन्न राज्यों में अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, जिससे ऊर्जा की आपूर्ति में स्थिरता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। यह पहल भारत के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रति देश की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
इस योजना का सीधा संबंध बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं से है, क्योंकि इसमें ऊर्जा क्षेत्र के विकास, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और बुनियादी ढांचे के निर्माण जैसे विषय शामिल हैं। बैंक पीओ और आईबीपीएस जैसी परीक्षाओं में ऊर्जा नीति, सरकारी बजट आवंटन और नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी परीक्षाओं में पर्यावरण और ऊर्जा क्षेत्र के विकास से जुड़े तथ्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। आरबीआई ग्रेड बी में भी ऊर्जा क्षेत्र के आर्थिक प्रभाव, सरकारी निवेश और नीतिगत बदलावों से संबंधित प्रश्नों की संभावना रहती है। इस प्रकार, यह योजना न केवल ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए भी एक महत्वपूर्ण विषय है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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