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दिल्ली में बीएलए ने कैसे तोड़ा चुनाव आयोग के 10 फॉर्म प्रति दिन के नियम को? पूरी जानकारी
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ECI portal bypass mechanism

✎ ईसीआई द्वारा निर्धारित नियमों का ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उल्लंघन मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता के मुद्दे उठाता है।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

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**नोट:**

बूथ स्तरीय एजेंटों (BLAs) द्वारा चुनाव आयोग (EC) द्वारा निर्धारित प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन दाखिल करने की सीमा को पार करने का मामला सामने आया है। दरअसल, दिल्ली में विशेष गहन संशोधन अभियान के दौरान, बीजेपी द्वारा नियुक्त BLAs ने ECINET पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन दाखिल किए, जिसमें इस तरह की कोई सीमा नहीं थी। इससे आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ, क्योंकि ऑफलाइन माध्यम से केवल 10 आवेदन ही दाखिल किए जा सकते थे। आंकड़ों के अनुसार, 21 से 27 सितंबर के बीच दिल्ली में कुल 1,095 Form 7 आवेदन दाखिल किए गए, जिनमें से 80% आवेदन व्यक्तियों द्वारा स्वयं के नाम पर थे। इसमें बीजेपी के BLA चित्तेश चंदोलिया ने दो दिनों में 35 आवेदन दाखिल किए, जबकि 20 वर्षीय अपूर्व द्विवेदी ने अपने ही नाम पर ‘मृत्यु’ का कारण बताकर Form 7 दाखिल किया। इस मामले में चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, BLAs द्वारा प्रतिदिन 10 से अधिक आवेदन दाखिल करना प्रतिबंधित था, लेकिन ऑनलाइन माध्यम ने इस सीमा को पार कर दिया।

इस घटना का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। राजनीतिक दलों द्वारा चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करने के प्रयासों से चुनावी पारदर्शिता प्रभावित होती है, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में भी चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक नीतियों पर प्रभाव पड़ता है। इसके अतिरिक्त, चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन न करने से चुनावी प्रक्रिया में विश्वास की कमी हो सकती है, जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। इस प्रकार, इस मामले का अध्ययन राजनीतिक व्यवस्था, चुनावी सुधार और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे विषयों के लिए महत्वपूर्ण है, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं।

स्रोत: The Hindu


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