✎ सेबी की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 पूंजी बाजार में सुधार और नियामकीय पहलों को दर्शाती है।

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपना वार्षिक प्रतिवेदन प्रकाशित कर दिया है। इस प्रतिवेदन में बाजार विनियमन, निवेशकों के हितों की सुरक्षा, तथा पूंजी बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने संबंधी प्रमुख उपलब्धियों और चुनौतियों का उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि सेबी ने तकनीकी नवाचार, नियामक सुधारों तथा जोखिम प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करने के प्रयासों को आगे बढ़ाया है। प्रतिवेदन के अनुसार, भारतीय पूंजी बाजार में विदेशी निवेशकों की भागीदारी में वृद्धि हुई है, जबकि खुदरा निवेशकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही, सेबी ने साइबर सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ बनाने तथा बाजार में हेरफेर रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं।
यह वार्षिक प्रतिवेदन बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र में सेबी की भूमिका को समझने के लिए इस प्रतिवेदन का अध्ययन आवश्यक है, क्योंकि इसमें नियामक ढांचे, बाजार स्थिरता तथा निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने संबंधी जानकारी शामिल है। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा में पूंजी बाजार एवं नियामक निकायों से संबंधित प्रश्नों के लिए यह प्रतिवेदन एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इसी प्रकार, एसएससी परीक्षाओं में भी अर्थव्यवस्था एवं शासन विषयों के अंतर्गत सेबी के कार्यों तथा उपलब्धियों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: SEBI
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

