प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations
**प्रधानमंत्री का एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में दिया गया भाषण – अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर महत्वपूर्ण दृष्टिकोण**
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में अपने संबोधन के दौरान वैश्विक चुनौतियों, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज का युग बहुपक्षीयता और साझा जिम्मेदारी का है, जहाँ किसी भी देश को अलग-थलग रहने का विकल्प नहीं है। मोदी जी ने वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए आपसी विश्वास, पारदर्शिता और न्यायसंगत व्यापार प्रणाली पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने, जलवायु परिवर्तन से निपटने और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। साथ ही, उन्होंने वैश्विक दक्षिण के देशों के विकास और उनकी आवाज़ को मुखर करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों में सुधार और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।
इस भाषण का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। बैंकिंग क्षेत्र में वैश्विक आर्थिक गतिविधियों, व्यापार नीतियों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के मुद्दे अक्सर पूछे जाते हैं, जैसे कि आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, मुद्रास्फीति पर वैश्विक प्रभाव या व्यापार समझौतों का विश्लेषण। एसएससी परीक्षाओं में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, जी20 जैसे संगठनों और भारत की विदेश नीति से संबंधित प्रश्न आम हैं। आरबीआई ग्रेड बी में वैश्विक अर्थव्यवस्था, मुद्रा विनिमय दरों, विदेशी मुद्रा भंडार और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों जैसे आईएमएफ और विश्व बैंक से जुड़े प्रश्नों पर ध्यान दिया जाता है। इस भाषण में उल्लिखित वैश्विक दृष्टिकोण और भारत की भूमिका इन परीक्षाओं के लिए उपयोगी साबित होगी।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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