प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**वेट्टि पयणम योजना** ने ऑटो और निजी बस संचालकों के जीविकोपार्जन को संकट में डाल दिया है। तमिलनाडु सरकार की इस मुक्त यात्रा योजना ने महिलाओं को मुफ्त बस सेवाएं प्रदान कर सामाजिक कल्याण का एक बड़ा कदम उठाया है, किंतु इसके परिणामस्वरूप निजी परिवहन क्षेत्र में कार्यरत ऑटो-रिक्शा चालकों और निजी बस मालिकों की दैनिक आमदनी में भारी गिरावट आई है। ऑटो चालकों के अनुसार, महिलाओं द्वारा सरकारी बसों को प्राथमिकता देने से उनकी बुकिंग आधे से भी कम रह गई है, जिससे वे ईंधन की ऊंची कीमतों और ऋण चुकौती के बीच परिवार का पालन-पोषण करने में असमर्थ हो रहे हैं। इसी प्रकार, निजी बस संचालकों का कहना है कि सरकारी सब्सिडी वाले शून्य-भाड़े मॉडल के सामने वे प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे, जिससे उनकी लाभप्रदता लगभग शून्य हो गई है और कई तो बंद होने की कगार पर हैं।
इस योजना के कारण उत्पन्न हुई असमान प्रतिस्पर्धा ने अनौपचारिक परिवहन क्षेत्र को गंभीर संकट में डाल दिया है। जहां एक ओर राज्य सरकार सामाजिक लक्ष्यों को पूरा करने में सफल रही है, वहीं दूसरी ओर निजी परिवहन कर्मियों के लिए संक्रमणकालीन सुरक्षा उपायों या नियामक समायोजनों की तत्काल आवश्यकता है। बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के लिए यह मामला नीति निर्माण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावों को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण है, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में इसे शासन व्यवस्था, आर्थिक नीति और कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में विश्लेषित किया जा सकता है।
स्रोत: The Hindu
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