

मानचित्र व माइंड-मैप: Atal Bhujal Yojana: Implementation & Impact
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**अटल भूजल योजना का कार्यान्वयन और प्रभाव** देश में भूजल संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई **अटल भूजल योजना (ABY)** एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य समुदाय-आधारित भूजल प्रबंधन को सशक्त बनाना है। इस योजना का क्रियान्वयन **7 राज्यों (गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश)** के **80 जिलों के 229 ब्लॉकों** की **8,203 ग्राम पंचायतों** में किया गया, जहां जल की कमी गंभीर थी। **भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI)** द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि इस योजना ने भूजल स्तर में सुधार, सामुदायिक जागरूकता, महिलाओं की भागीदारी और जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। **2023 से 2025** के आकलन के अनुसार, **180 ब्लॉकों** में भूजल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें **महाराष्ट्र के जलगांव जिले** के सभी चार ब्लॉकों में सुधार देखा गया। योजना के तहत **9.7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र** को कुशल जल-उपयोग तकनीकों (ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग आदि) के अंतर्गत लाया गया, जबकि **1.28 लाख ग्राम पंचायत-स्तरीय प्रशिक्षण** आयोजित किए गए।
**बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं** के लिए यह योजना **समुदाय-आधारित जल प्रबंधन, सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन और भूजल संरक्षण** जैसे विषयों पर आधारित है। **पोलिटी एवं गवर्नेंस** सेक्शन में इसकी प्रासंगिकता **नीति निर्माण, सहभागी विकास और महिला सशक्तिकरण** जैसे मुद्दों पर आधारित है, जो **एसएससी सीजीएल, आरबीआई ग्रेड बी और बैंक पीओ** के पाठ्यक्रम में शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, **भूजल स्तर सुधार, जल बजट और जल सुरक्षा योजनाएं** जैसे तथ्य **करेंट अफेयर्स** और **स्टेटिक जीके** दोनों में
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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