✎ ट्रेजरी बिल सरकार के अल्पकालिक ऋण साधन हैं जिनकी नीलामी आरबीआई द्वारा तय कार्यक्रम अनुसार होती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
भारत सरकार द्वारा 5 अगस्त, 2026 को 91-दिवसीय, 182-दिवसीय और 364-दिवसीय ट्रेजरी बिलों की नीलामी की घोषणा की गई है, जिसमें कुल 24,000 करोड़ रुपये की राशि अधिसूचित की गई है। यह नीलामी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ई-कुबेर प्रणाली के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी दोनों प्रकार के निवेशकों को भाग लेने की अनुमति होगी। प्रतिस्पर्धी निवेशकों के लिए बोली सबमिशन का समय सुबह 12:30 बजे से 1:30 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि गैर-प्रतिस्पर्धी निवेशकों के लिए यह समय 12:30 बजे से 1:00 बजे तक है। इस नीलामी का महत्व बैंकिंग प्रणाली में तरलता प्रबंधन और सरकारी प्रतिभूतियों के बाजार को स्थिर बनाए रखने में निहित है, जो बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। ट्रेजरी बिल सरकार द्वारा जारी अल्पकालिक ऋण पत्र होते हैं, जिनकी ब्याज दरें बाजार के रुझानों पर निर्भर करती हैं, जिससे यह मौद्रिक नीति और राजकोषीय प्रबंधन के अध्ययन का प्रमुख विषय बन जाता है।
इस नीलामी में राज्य सरकारों, केंद्रशासित प्रदेशों, भविष्य निधि, विदेशी केंद्रीय बैंकों और खुदरा निवेशकों सहित विभिन्न संस्थाओं को भाग लेने का अवसर मिलता है, जिससे सरकार को अल्पकालिक वित्तपोषण प्राप्त होता है। खुदरा निवेशकों के लिए अधिसूचित राशि का अधिकतम 5 प्रतिशत आवंटित किया जाएगा, जिसे वे आरबीआई रिटेल डायरेक्ट पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रक्रिया न केवल सरकारी प्रतिभूतियों के प्रति जनता में जागरूकता बढ़ाती है, बल्कि वित्तीय साक्षरता को भी बढ़ावा देती है, जो एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले वित्तीय प्रणाली और बैंकिंग संरचना के विषयों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, ट्रेजरी बिलों की नीलामी से
स्रोत: RBI
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

