✎ एनसीएससी ने तरनतारन मामले में आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी और 30 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
एनसीएससी ने तरनतारन मामले में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए पांच दिनों में कार्रवाई और रिपोर्ट की सिफारिश की है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में पंजाब पुलिस द्वारा जांच और गिरफ्तारी में हुई देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। आयोग ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पांच दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही, याचिकाकर्ता और उनके आश्रितों को एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 15ए के तहत पुलिस सुरक्षा प्रदान करने की सिफारिश की गई है। यह मामला पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री स्व. श्री बूटा सिंह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से संबंधित है, जिसमें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अमरिंदर सिंह राजा शामिल हैं।
यह घटना शासन और प्रशासन में जवाबदेही तथा कानून के शासन के महत्व को रेखांकित करती है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषय है। एनसीएससी जैसी संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और उनके द्वारा की गई सिफारिशें प्रशासनिक सुधारों तथा कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। इसके अतिरिक्त, एससी/एसटी अधिनियम जैसी कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन और उसकी रोकथाम भी शासन और अर्थव्यवस्था के स्थायित्व के लिए आवश्यक है, जो इन परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों से संबंधित है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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