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किसान क्रेडिट कार्ड – संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना के तहत निवेश किए गए प्रत्येक एक रुपये से कृषि और संबद्ध क्षेत्र में शु — concept mind map

✎ किसान क्रेडिट कार्ड योजना से कृषि उत्पादन और आय में वृद्धि हुई है और किसानों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराया गया है।

KCC Subsidy ImpactInvest ₹1KCC subsidyOutput ₹2.30Net value addedImpactCrop intensitySubsidy ₹1.87L cr2024-25
KCC Subsidy Impact

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत संशोधित ब्याज सब्सिडी व्यवस्था ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में निवेश के उच्च प्रतिफल को सिद्ध किया है। तृतीय-पक्ष मूल्यांकन में यह सामने आया है कि इस योजना के अंतर्गत प्रति एक रुपये के निवेश से कृषि क्षेत्र में 2.30 रुपये का शुद्ध मूल्यवर्धन होता है, जो इसकी प्रभावकारिता को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, इस योजना ने फसल सघनता एवं बहु-मौसमी खेती को बढ़ावा देकर किसानों को आय विविधीकरण का अवसर प्रदान किया है। अनुमानित 1.87 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी के माध्यम से किसानों पर ब्याज बोझ कम हुआ है, जिससे ऋण अनुशासन में सुधार हुआ है और बैंकों का ऋण देने में विश्वास बढ़ा है। सरकार द्वारा शुरू की गई तकनीकी पहल जैसे किसान ऋण पोर्टल, जन समर्थ पोर्टल एवं ई-केसीसी ने कृषि ऋण वितरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया है, जिससे छोटे एवं सीमांत किसानों तक ऋण पहुंच आसान हुई है। यह योजना न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि कर रही है, बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी क्षेत्रों को भी सशक्त बना रही है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

इस योजना की सफलता का मूल्यांकन विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में कृषि क्षेत्र से संबंधित नीतियों, सब्सिडी योजनाओं एवं वित्तीय समावेशन पर प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त, एसएससी परीक्षाओं में भी कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर ध्यान दिया जाता है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तार, बिना गारंटी ऋण सीमा में वृद्धि (1.6 लाख से 2 लाख रुपये) तथा डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से ऋण वितरण में सुधार जैसी पहलें परीक्षा के लिए प्रासंगिक हैं। साथ ही, इस योजना के माध्यम से प्राप्त सब्सिडी राशि एवं इसके आर्थिक प्रभाव का विश्लेषण भी

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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