
✎ मलप्पुरम में खसरे से मौतों के कारण टीकाकरण में कमी और उसके प्रभावों पर ध्यान देना आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
हाल ही में केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मालाप्पुरम जिले में खसरे से दो बच्चों की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला चिकित्सा अधिकारी से 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में यह जांच होगी कि क्या बच्चों को समय पर खसरे का टीका लगा था और क्या टीकाकरण में कोई कमी रही। साथ ही, आयोग ने उन क्षेत्रों या समूहों की पहचान करने को कहा है जहां टीकाकरण में अनिच्छा है तथा इसके कारणों का पता लगाने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में मालाप्पुरम के लगभग एक-तिहाई बच्चों को खसरे के दोनों टीके नहीं लगे हैं। वर्ष 2025-26 में केवल 63 प्रतिशत बच्चों को ही दोनों टीके मिल सके, जबकि वेंगारा, तनूर, मालाप्पुरम और आरीकोड ब्लॉक पंचायतों में 40 प्रतिशत से अधिक बच्चों का टीकाकरण पूरा नहीं हुआ है। इस वर्ष जिले में 63 खसरे के मामले सामने आए हैं, जबकि लगभग 400 लोगों में लक्षण दिखाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर टीकाकरण एवं जागरूकता अभियान तेज कर दिया है।
यह घटना शासन व्यवस्था एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति के लिए गंभीर चिंता का विषय है। बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की कार्यक्षमता, सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन तथा सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, टीकाकरण जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की सफलता से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों को भी समझा जा सकता है, जैसे स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ, उत्पादकता में कमी तथा सामाजिक असमानताएं। इस प्रकार के मामलों से सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन एवं संसाधनों के आवंटन पर भी प्रश्न उठते हैं, जो परीक्षाओं में नीति निर्माण एवं प्रशासनिक ढांचे से संबंधित प्रश्नों के संदर्भ में उपयोगी हो सकते हैं।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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