✎ केरल अपने बिजली संकट को दूर करने के लिए SHAKTI नीति के तहत कोयला लिंकेज का उपयोग कर रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केरल में बिजली संकट के बीच राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) ने केंद्र सरकार की ‘शक्ति’ नीति के तहत कोयला लिंकेज प्राप्त करने का नया प्रयास शुरू किया है। केएसईबी ने 23 सितंबर, 2026 को एक योग्यता निवेदन पत्र (आरएफक्यू) जारी किया है, जिसमें उसने 500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति के लिए बोली आमंत्रित की है। यह बिजली 25 वर्षों तक लगातार मिलेगी और इसकी शुरुआत 2 जून, 2026 से होनी है। इससे पहले भी केएसईबी ने इसी नीति के तहत प्रयास किए थे, लेकिन वे सफल नहीं हुए थे। यह नया प्रयास तब किया गया है जब केरल में मानसून के दौरान बिजली की कमी के कारण राज्य में संकट उत्पन्न हो गया है। इससे राज्य की बिजली व्यवस्था की कमजोरियों का पता चला है, जो अन्य राज्यों से बिजली आयात पर निर्भर है।
इस प्रक्रिया में केएसईबी सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से कोयला लिंकेज प्राप्त करेगा, जिसके तहत कोयला इंडिया या उसकी सहायक कंपनियों से ईंधन की आपूर्ति की जाएगी। आरएफक्यू दस्तावेज के अनुसार, बोली प्रक्रिया में शामिल होने वाले आवेदकों की योग्यता 3 दिसंबर, 2026 तक तय की जाएगी और बोलियां 4 जनवरी, 2027 को खोली जाएंगी। इसके बाद 5 मार्च, 2027 को बिजली बिक्री समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। इस नीति के माध्यम से राज्य सरकारें और वितरण कंपनियां लंबी अवधि के लिए प्रतिस्पर्धात्मक बोली के माध्यम से बिजली खरीद सकती हैं। यह प्रयास बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सरकारी नीतियों, सार्वजनिक-निजी भागीदारी, ऊर्जा सुरक्षा और नीति निर्माण जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, यह नीति कोयला और बिजली क्षेत्र से संबंधित आर्थिक और प्रशासनिक पहलुओं के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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