✎ झारखंड हाईकोर्ट ने खुली जेलों की सुविधाओं और विस्तार पर सरकार से रिपोर्ट मांगी है तथा उनके सुधार हेतु सख्त निर्देश दिए हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
झारखंड उच्च न्यायालय ने खुली जेलों में बंदियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके विस्तार को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को 3 नवंबर तक विस्तृत स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को तय की है, जिसमें सरकार द्वारा उठाए गए कदमों और प्रगति की समीक्षा की जाएगी। राज्य सरकार ने बताया है कि चार केंद्रीय कारागारों में खुली बैरक बनाने की मंजूरी मिल चुकी है तथा हजारीबाग में 32 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इसके अलावा महिला बंदियों के लिए विशेष खुली जेल विकसित करने की भी योजना है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इस मामले में न्यायालय ने हस्तक्षेप किया है, जिसमें सभी राज्यों को खुली जेलों के विस्तार और सुविधाओं पर ध्यान देने का निर्देश दिया गया था।
इस मामले का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है, क्योंकि इसमें शासन व्यवस्था, न्यायपालिका की भूमिका और सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। खुली जेलों के माध्यम से बंदियों के पुनर्वास और समाज में उनके पुनः एकीकरण की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के प्रयास सरकारी नीतियों और न्यायिक निरीक्षण के अंतर्गत आते हैं। ऐसे मामलों से संबंधित अध्ययन प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रशासनिक सुधारों, सामाजिक न्याय और कानूनी ढांचे के विश्लेषण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होते हैं।
स्रोत: amarujala.com
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