✎ कल्लकुरिची शराब त्रासदी में प्रशासनिक लापरवाही एवं मेथनॉल मिलावट प्रमुख कारण थे, जिसके चलते 69 लोगों की मौत हुई और सरकार ने दोषियों पर कार्यवाही तथा पीड़ितों के बच्चों को सहायता देने का प्रस्ताव रखा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
न्यायमूर्ति जी. गोकुलदास आयोग द्वारा वर्ष 2024 की कल्लाकुरिची होच त्रासदी की जांच रिपोर्ट तमिलनाडु विधानसभा में रखी गई, जिसमें पुलिस एवं उत्पाद शुल्क अधिकारियों को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। आयोग ने कहा कि यदि अधिकारियों ने मेथनॉल के भंडारण, परिवहन और बिक्री की निगरानी में सावधानी बरती होती, तो यह जहरीला रसायन चेन्नई से कल्लाकुरिची तक नहीं पहुंच पाता। इसके अतिरिक्त, आयोग ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों, राजस्व कर्मचारियों तथा तहसीलदारों को भी लापरवाही का दोषी बताया और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की। साथ ही, मृतकों के बच्चों को शिक्षा, भोजन एवं आश्रय उपलब्ध कराने तथा उनकी शिक्षा पूरी होने पर सरकारी नौकरियां देने का सुझाव दिया गया।
यह घटना बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे प्रशासनिक जवाबदेही, भ्रष्टाचार निरोधक उपाय तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। बैंकिंग क्षेत्र में जहां जोखिम प्रबंधन एवं नियामक अनुपालन पर ध्यान दिया जाता है, वहीं एसएससी में प्रशासनिक सुधारों तथा आरबीआई ग्रेड बी में नीति निर्माण एवं कानूनी ढांचे के संदर्भ में इस रिपोर्ट का अध्ययन लाभकारी होगा।
स्रोत: The Hindu
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