✎ मिशन जीरो के तहत देपालपुर ने विरासत अपशिष्ट निवारण में सफलता प्राप्त की, जिसमें वैज्ञानिक तरीके, सामूहिक प्रयास एवं सर्वोत्तम प्रथाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
मिशन जीरो के अंतर्गत देपालपुर ने विरासत अपशिष्ट के निवारण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू की गई ‘स्वच्छ शहर जोड़ी’ पहल के तहत इंदौर नगर निगम के मार्गदर्शन में देपालपुर ने चार-बिन अपशिष्ट पृथक्करण प्रणाली लागू कर 1,250 टन पुराने जमा कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया। इस प्रक्रिया में 4.5 टन पुनर्चक्रण योग्य सामग्री और 50-60 टन अपशिष्ट-व्युत्पन्न ईंधन (आरडीएफ) प्राप्त किया गया, जिसे इंदौर स्थित एनईपीआरए संयंत्र में भेजा गया। इस अभियान से देपालपुर शहर में प्लास्टिक-मुक्त क्षेत्र विकसित हुआ, सड़कों पर रंग-बिरंगी भित्ति कलाकृतियाँ उकेरी गईं और ऐतिहासिक सूरजकुंड बावड़ी का जीर्णोद्धार हुआ। यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामुदायिक भागीदारी का परिणाम है, जो स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के लक्ष्यों के अनुरूप है।
यह उपलब्धि बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। बैंक पीओ और एसबीआई परीक्षाओं में शहरी विकास, स्वच्छता अभियान और सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जहाँ देपालपुर के मॉडल का उल्लेख किया जा सकता है। एसएससी सीजीएल में पर्यावरणीय स्थिरता, अपशिष्ट प्रबंधन और सरकारी पहलों पर आधारित प्रश्नों में इस मामले का संदर्भ दिया जा सकता है। आरबीआई ग्रेड बी में शहरी विकास और पर्यावरणीय नीतियों के संदर्भ में इस सफलता का उल्लेख किया जा सकता है, जो देश के समग्र विकास में योगदान देता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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