✎ नशामुक्त भारत अभियान के तहत 10 करोड़+ नागरिकों द्वारा नशामुक्ति की शपथ लेना सरकारी एवं सामाजिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) की छठी वर्षगांठ के अवसर पर केंद्र सरकार ने इस महीने के अंत में एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया है, जिसमें 10 करोड़ से अधिक नागरिकों को नशा मुक्ति की राष्ट्रीय प्रतिज्ञा लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इस पहल का उद्देश्य देशव्यापी स्तर पर मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ जनजागरूकता फैलाना और समाज के सभी वर्गों को एकजुट करना है। तीसरी उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. संदीप रेवाजी राठौड़ ने ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण पर बल दिया, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों—रेलवे, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस और सीएपीएफ—के साथ मिलकर काम करने की रणनीति पर चर्चा की गई। इस अभियान के माध्यम से सरकार न केवल नशामुक्त समाज के निर्माण का प्रयास कर रही है, बल्कि युवाओं को सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, जिससे उनके भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके।
यह अभियान बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें सरकारी योजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और राष्ट्रीय नीतियों के क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। परीक्षाओं में अक्सर सरकारी पहलों, उनके उद्देश्यों, कार्यान्वयन तंत्र और सामाजिक प्रभाव से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त, एनएमबीए जैसे अभियानों के माध्यम से सरकारी विभागों के बीच समन्वय, तकनीकी नवाचार (जैसे एनएमबीए 2.0 मोबाइल ऐप) और सामुदायिक भागीदारी जैसे विषय भी परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। इस प्रकार, इस अभियान का अध्ययन न केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाता है, बल्कि परीक्षा में सफलता के लिए आवश्यक राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण को भी मजबूत करता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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