✎ पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों को कौशल, वित्त और बाजार से जोड़कर उनकी आजीविका सुधार रही है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**पीएम विश्वकर्मा योजना के तीन वर्ष पूरे होने पर 30 लाख कारीगरों का पंजीकरण हुआ है, जो सरकार की पारंपरिक कौशल संरक्षण एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य 18 चिन्हित व्यवसायों में लगे कारीगरों को वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और बाजार से जोड़ना था। अब तक 30 लाख कारीगरों का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें से 24.50 लाख को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि 6.18 लाख को 5% ब्याज दर पर 1 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त, 18.15 लाख कारीगरों को टूलकिट प्रदान किए गए हैं, जिससे उनकी उत्पादकता में वृद्धि हुई है। यह योजना न केवल पारंपरिक कौशल को संरक्षित कर रही है, बल्कि कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।**
**इस योजना के सफल क्रियान्वयन से बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नों की संभावना बढ़ जाती है। बैंकिंग परीक्षाओं में इस योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले ऋण, कौशल प्रशिक्षण और टूलकिट वितरण जैसे घटकों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी में इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव और सरकारी योजनाओं के संदर्भ में प्रश्न बन सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा के लिए भी यह योजना मुद्रा नीति, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास जैसे विषयों के साथ प्रासंगिक है। इस प्रकार, यह योजना न केवल कारीगरों के उत्थान में सहायक है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।**
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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