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Map of Telangana highlighted on the map of India — पीएमकेएसवाई प्रगति 2026, एआईबीपी, हर खेत को पानी योजनाMind map of PMKSY irrigation progress concept mind map — पीएमकेएसवाई प्रगति 2026, एआईबीपी, हर खेत को पानी योजना

मानचित्र व माइंड-मैप: PMKSY progress by state and component

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) वर्ष 2015-16 में शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और जल-उपयोग दक्षता को बढ़ाना है। इस योजना के दो प्रमुख घटक हैं—त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (एआईबीपी) और हर खेत को पानी (एचकेकेपी)। एआईबीपी के अंतर्गत सिंचाई क्षमता का सृजन किया जाता है, जबकि एचकेकेपी के तीन उप-घटक—कमान क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन (सीएडी एंड डब्ल्यूएम), सतही लघु सिंचाई (एसएमआई) और जल निकायों की मरम्मत, नवीकरण एवं पुनरूद्धार (आरआरआर)—कृषि उत्पादकता और जल संरक्षण को बढ़ावा देते हैं। अप्रैल 2016 से अब तक पीएमकेएसवाई के तहत 30.66 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन किया गया है, जिसमें पिछले तीन वर्षों (2023-24 से 2025-26) में 4.09 लाख हेक्टेयर का योगदान रहा है। इसके अतिरिक्त, सूक्ष्म सिंचाई विकास के लिए ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (पीडीएमसी) योजना के माध्यम से 114.60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया गया है, जिससे जल संसाधनों का संरक्षण और फसल उत्पादकता में वृद्धि हुई है। पीएमकेएसवाई का क्रियान्वयन जल शक्ति मंत्रालय और संबंधित विभागों द्वारा किया जा रहा है, जिसमें सूखा-प्रवण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। वर्ष 2021-22 में विशेष प्रावधानों के माध्यम से इन क्षेत्रों में सिंचाई अवसंरचना को मजबूत करने के प्रयास किए गए हैं, जिससे जल की कमी वाले क्षेत्रों में भी कृषि उत्पादन में सुधार हुआ है।

इस योजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, पीएमकेएसवाई जैसी सरकारी योजनाओं के माध्यम से कृषि क्षेत्र में

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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